मैं 'AM' ''स�बह'' त�म 'PM' ''सां�'' हो, मैं ''आम'' त�म ''खास'' हो,
प�रेम के बंधन में बांधेंगे �से, जैसे त�म मेरी ''जान'' हो।
कलम उठाई आज तो क�छ लिखा जाये, क�छ समय तेरे नाम लिखा जाये,
बातें तो फोन पर à¤à¥€ हो सकती है बहà¥�त, 'अà¤à¤¿' तà¥�à¤�े निहारा जाय।
किसी की परवाह मत करना, मरने की हिमाकत मत करना,
मिलन होगा हमारा मगर, जमाने की परवाह ‘अà¤à¤¿â€™ मत करना।
अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• मिशà¥�रा 'अà¤à¤¿'
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