सूर्य का प्रभाव उपाय सूर्य

सूर्य का छठें भाव में फल

यदि सूर्य शुभ है तो जातक भाग्यशाली, क्रोधी, सुंदर जीवनसाथी वाला तथा सरकार से लाभ पाने वाला होता है। यदि सूर्य छठे भाव में हो, चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति दूसरे भाव में हों तो परंपरा का निर्वाह करना फायदेमंद रहता है। यदि सूर्य छ्ठे भाव में हो और सातवें भाव में केतू या राहू हो तो जातक के एक पुत्र होगा और 48 सालों के भाग्योन्नति होती है। यदि दूसरे भाव में कोई भी ग्रह न हों तो जातक को जीवन के 22वें साल में सरकारी नौकरी मिलती है। यदि सूर्य अशुभ हो तो जातक का पुत्र और ननिहाल के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पडता है। जातक का स्वास्थ भी ठीक नहीं रहता। यदि मंगल दशम भाव में स्थित हो तो जातक के पुत्र एक एक करके मरते जाएंगे। बारहवें भाव में स्थित बुध उच्च रक्त चाप का कारण बनता है।


उपाय:
(1) कुल परम्परा और धार्मिक परम्पराओं कड़ाई से पालन करें अन्यथा परिवार की प्रगति और प्रसन्नता नष्ट होती है।
(2) घर के आहाते (परिसर) में भूमिगत भट्टियों का निर्माण न करें।
(3) रात में भोजन करने के बाद दूध का छिड़काव करके रसोई की आग और स्टोव आदि को बुझाएं।
(4) हमेशा अपने घर के परिसर में गंगाजल रखें।
(5) बंदरों को गेहूं अथवा गुड़ खिलाएं।
सूर्य
GRAH
सूर्य चन्द्र मंगल बुध बृहस्पति
शुक्र शनि राहू केतू