शुक्र का प्रभाव उपाय शुक्र

शुक्र का चौथे भाव में फल

चौथे भाव में स्थित शुक्र दो पत्नियों की संभावना को मजबूत करता है और जातक को धनवान बनाता है। यदि बृहस्पति दसम भाव में हो और शुक्र चौथे भाव में हो और जातक धार्मिक बनने की कोशिश करेगा तो हर तरफ से प्रतिकूल परिणाम मिलेंगे। यदि जातक ने कुएं के ऊपर छ्त बना रखी है या मकान बना रखा है तो चौथे भाव में बैठा शुक्र पुत्र प्राप्ति की संभावना को कमजोर करता है। बुध से संबंधित व्यापार भी नुकशान देय होता है। यदि जातक शराब पीता है तो शनि विनाशकारी प्रभाव देगा। मंगल से संबंधित व्यापार जातक के लिए फायदेमंद साबित होगा। चौथे घर का शुक्र और पहले घर का बृहस्पति सास से झगडा करवाता है।


उपाय:
(1) अपनी पत्नी का नाम बदलें और उससे औपचारिक रूप से पुनर्विवाह करें।
(2) चावल, चांदी और दूध बहते पानी में बहाएं अथवा खीर या दूध माँ समान महिलाओं को खिलाने से सास और बहू के बीच होने वाले झगड़े शांत होंगे।
(3) पत्नी के स्वास्थ्य के लिए घर की छत को साफ और स्वच्छ बनाए रखें।
(4) बृहस्पति से सम्बन्धित चीजें जैसे चना, दालें, और केसर की तरह नदी में बहाएं।

शुक्र
GRAH
सूर्य चन्द्र मंगल बुध बृहस्पति
शुक्र शनि राहू केतू