शुक्र का प्रभाव उपाय शुक्र

शुक्र का तीसरे भाव में फल

यहाँ स्थित शुक्र जातक को एक आकर्षक व्यक्तित्व देता है जिससे हर स्त्री उसकी ओर आकर्षित होती है। आम तौर पर सभी उसे प्यार करते हैं। यदि जातक किसी और स्त्री से संबंध रखता है तो जातक को अपनी पत्नी की चापलूसी करनी पडती है। अन्यथा वह हमेशा अपनी पत्नी पर हावी रहता है। हालांकि जातक की पत्नी सब पर हावी रहेगी लेकिन यदि जातक पराई स्त्री से संबंध नही रखता हो वह उस पर हावी रहेगा। जातक की पत्नी साहसी, समर्थक और बैलगाड़ी के दूसरे बैल की तरह जातक के लिए सहयोगी होगी। वह जातक को छल, चोरी और नुकसान से बचाने वाली होगी। अन्य महिलाओं के साथ संपर्क जातक के लिए हानिकारक साबित होगा और दीर्घायु पर प्रतिकूल असर डालने वाल होगा। यदि नवम और एकादश भाव में शुक्र के शत्रु ग्रह स्थित हों तो प्रतिकूल परिणामों की प्राप्ति होगी। जातक के कई बेटियां होंगी


उपाय:
(1) अपनी पत्नी का सम्मान करें और अतिरिक्त वैवाहिक मामलों से बचें।
(2) पराई औरतों के साथ छेड़खानी (फ्लर्ट) करने से बचें।

शुक्र
GRAH
सूर्य चन्द्र मंगल बुध बृहस्पति
शुक्र शनि राहू केतू