शनि का प्रभाव उपाय शनि

शनि का चौथे भाव में फल

यह भाव चंद्रमा का घर होता है। इसलिए शनि इस भाव में मिलेजुले परिणाम देता है। जातक अपने माता पिता के प्रति समर्पित होगा और प्रेम मुहब्बत से रहने वाला होगा। जब कभी जातक बीमार होगा तो चंद्रमा से संबंधित चीजें फायदेमंद होंगी। जातक के परिवार से कोई व्यक्ति चिकित्सा विभाग से संबंधित होगा। जब शनि इस भाव में नीच का होकर स्थित हो तो शराब पीना, सांप मारना और रात के समय घर की नीव रखना जैसे काम बहुत बुरे परिणाम देते हैं। रात में दूध पीना भी अहितकर है।


उपाय:
(1) साँप को दूध पिलाएं अथवा दूध चावल किसी गाय या भैंस को खिलाएं।
(2) किसी कुएं में दूध डालें और रात में दूध न पियें।
(3) चलते पानी में रम डालें।

शनि
GRAH
सूर्य चन्द्र मंगल बुध बृहस्पति
शुक्र शनि राहू केतू